खुले हुए मन के नैन,
देते दिल को सबसे चैन .
देह के नैन तो होते है कातिल .
अच्छे -अच्छो को बना दें नाकाबिल .
कर देते ये सबको बैचैन .
खुले हुए मन के नैन,
देते दिल को सबसे चैन
देह के नैन देखे ,साज श्रृंगार ,
मन के नैन ढूडे सब में प्यार
जागे रहते जो हर दिन रैन
खुले हुए मन के नैन,
देते दिल को सबसे चैन
देह तो है केवल विज्ञापन .
नैनो को दीखता है बस तन.
मन है अमृत तो देह शेम्पैन
खुले हुए मन के नैन,
देते दिल को सबसे चैन
No comments:
Post a Comment