अँधेरा हो इससे पहले जला लेना चिराग .
बीज की चिन्ता से पहले बना लेना बाग़
दिल के दरवाजे गर बंद हो तो,
क्या करेगा तालीम हासिल करके दिमाग
बदन के दाग मिटाए ,जा सकते है,
कौन मिटाएगा दिल के दाग.
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जो अँधेरी गली से न गुजरे हो ,वह क्या जाने उजाले को .
जो नही भागते पैसे के पीछे , वह क्या जाने ताले को
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कुदरत का करिश्मा
अद्भुत खेल कुदरत का,
जहाँ काम नहीं नफरत का.
किसी पेड़ में फूल,किसी में फल
किसी में आम ,किसी में कटहल
कहीं घास के मैदान,कहीं जंगल दरखत का.
अद्भुत खेल कुदरत का,
जहाँ काम नहीं नफरत का.
उसी ने बनाए सूक्ष्म प्राणी ,उसी ने विशालकाय,
समस्या पैदा करते ही ,बनाये उपाय
उसके लिए न प्रेमी अमेरिकी,न गैर भारत का
अद्भुत खेल कुदरत का,
जहाँ काम नहीं नफरत का.
कही शीत की लहर,
कही गर्मी का कहर
असंतुलन न हो कही,ध्यान रखा इस बात का
अद्भुत खेल कुदरत का,
जहाँ काम नहीं नफरत का.
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