Saturday, 18 May 2013

क्षणिका

जिंदगी की राह!
लोग मिले बेपनाह

किसी ने हमें अपनाया
किसी को हमने अपनाया
गम भी मिला ,और खशी भी मिली अथाह!

जिंदगी की राह!
लोग मिले बेपनाह

कभी हम रूठे,कभी हमने लोगो को मनाया!
कुछ ने हमें ,और कुछ को हमने निभाया
क्या होते है ये रिश्ते ,वाह!

जिंदगी की राह!
लोग मिले बेपनाह

कभी प्यार में पले!
कभी अहं में जले
कभी नफरत , कभी चाह!

जिंदगी की राह!
लोग मिले बेपनाह

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