सपना
सपने सब देखते हैं,
कोई जब तब देखते हैं,
कोई सपने सँजोते हैं
कोई सपने मे खोते हैं!
सपने देखना बुरी बात तो नहीं,
सपने की मात , जिन्दगी की मात तो नहीं!
अच्छा नहीं सपने का रोज बदल जाना
मुश्किल हो जाता है, सपने का शकल पाना!
सपना देखो, हजार बार देखो ,
लेकिन सपना ,वही बार -बार देखो.
ऐसा सपना जिसके लिए सोना जरुरी न हो
वह बन जाये जरुरत ,जिसमे मज़बूरी न हो
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