कोविड काल में कई लोग घर से बाहर नहीं निकले ताकि संक्रमण के खतरे से बच सके। लेकिन कुछ लोगों को कोविड काल अवसर लगा और ओशो सरकार ने बहुत फायदा उठाया। उत्तराखंड का RT PCR घोटाला, सरकारी अस्पतालों में यूज किये हुए ग्लव्स और मास्क बेचने का मामला आया।
अब सुनने में आ रहा है कोविड काल में जिन भी कंपनियों ने जीवन रक्षक दवाइयों का उत्पादन किया उनके परिसरों से करोड़ों की धनराशि नगद मिल रही है। एक साधारण से 3 प्लाई मास्क को भी कई गुना दाम पर बेचा गया।
शहरों गांव में छिड़काव के लिए जो बैक्टीरिया नाशक वृद्धि के लिए पैसा आया था, उससे पानी का छिड़काव कर दिया गया। कई सरकारी विभागों ने नकली बिल लगाकर भी करोड़ों का घोटाला किया हुआ है।
सरकार ने नोटबंदी करके जो पैसा जब्त किया था उससे कई गुना नगद पैसा इस कोविडकाल में कमाया गया।
सरकार अगर ईमानदार लोगों को चिह्नित करके उनको इन घोटालो से पर्दा हटाने का काम सौंपे तो कई घोटाले सामने आ सकते हैं।
आप निश्चित मानिए समाज में #समीर वानखेडे जैसे लोगों की कमी नहीं है. ऐसे ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों का सरकार को लाभ उठाना चाहिए ताकि एक ईमानदार और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की जा सके।
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