मेरा एक मित्र, जो बड़ा कला प्रेमी है कहने लगा "अरे यार चलो, अपने शहर के " मॉडर्न आर्ट गैलरी " मे एक ख्यातिलब्ध कलाकार क़ी पेंटिंग्स प्रदर्शन के लिए लगी हुई है, उसे देखकर आते है "
यूँ तो शिल्प का ज्ञान मुझे नहीं है, फिर भी मै दोस्त के आग्रह को टाल न सका. सोचा , दोस्त क़ी नजरों से ही सही, कुछ ज्ञान तो बड़ेगा।
वहां पहुँचे तो देखा दीवार पर देखा आड़ी, तिरछी लाइने, बिंदुओं भरी पेंटिंग्स टंगी हुई है।
उनको देखकर दोस्त कहे "वाह, मजा आ गया, यूँ ही बड़ा कलाकार नहीं है यार बंदा!।
मेरे दिमाग मे ये बातें घुस नहीं पा रही थी। फिर मुझ पर सवाल दाग दिया "दोस्त आया न मजा, गजब क्या पेंटिंगस बनाई है जीनियस "।
मुझे गुस्सा आया, मैंने कहा "यार ये आड़ी तिरछी लाइने देखने के लिए,इतने समय क़ी बर्बादी?
क्या कहा "आड़ी तिरछी लाइने"…?
"और नहीं तो क्या, ऐसी आड़ी तिरछी लाइने, मेरे बच्चे रोज कागज मे बनाकर, उनका हवाई जहाज बनाकर उड़ा देते है "मैंने तर्क दिया।
अरे यार, तुम्हें क्या हो गया, इतने बड़े कलाकार के जज्बात को तुम समझ नहीं पाये, "इमोशन मैन, इमोशन"। क्या मजाक करते हो यार, बच्चों के चित्र से, इतने बड़े कलाकार क़ी तुलना …
क्या हो गया, यार तुम्हें, are you alright।
मै जड़वत हो गया मै समझ नहीं पाया कि मैंने कहां गलती की।
"क्या हो गया यार तुम्हें?
सब ठीक तो है ना,
पढ़ने मे तो तुम ठीक थे यार,
कौन सा टेंशन है यार तुम्हें।
मै समझ नहीं पा रहा था "आड़ी तिरछी लाइनो " के लिए, मेरे दोस्त ने इतने सवाल क्योँ दागे होंगे? वह अलग बात है कि थोड़ा अक्ल से कमजोर भी हूँ मै।
मेरे हाथों को, अपने हाथों मे लेकर जब उसने कहा "take care यार " तब मुझे लगा यार दोस्त, दोस्त होते है, दोस्ती, दोस्ती मे ही बहुत कुछ सीखा देते है।
Love you, दोस्तो 😷
(मेरी डिजिटल कलम से )
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