Showing posts with label गजल. Show all posts
Showing posts with label गजल. Show all posts

Monday, 27 June 2022

तन्हाई

तन्हाई का भी अपना मजा है
कभी इसमें भी वक्त की रजा है।

हमसफ़र गर हमख्याल न हो तो,
वह भी जिंदगी की बड़ी सजा है
तन्हाई का भी अपना मजा है

रूह भी साथ छोड़ देती है दोस्तों
जब आती किसी को कजा है।
तन्हाई का भी अपना मजा है