Wednesday, 7 September 2016

भरी जवानी पैसे जोड़े ,
न कुछ  खाया
पैसे अपनाएं  ,
किया बांकी सब कुछ पराया

बँगला बनाया
गाडी आयी
नौकर आये ,
ख़ुशी-- ख़ुशी  ?

तन संवारा
घर संवारा
ऐश तो था,
पर मन -मन ?

अब है सब
पर खाना मना
चलना मना
दवा, डॉक्टर

क्या इसी दिन की चाहत में ,
जोड़ा था पैसा

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